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राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियान हेतु प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए आयोजित प्रतियोगिता

आरंभ करने की तिथि :
Nov 27, 2014
अंतिम तिथि :
Dec 05, 2014
18:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

विद्युत मंत्रालय के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा ...

विद्युत मंत्रालय के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियान हेतु प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को उर्जा के संरक्षण के लिए अपनाई जाने वाली सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों और आदतों के बारे में जागरूक करना है।

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि: 5 दिसम्बर 2014

विजेता प्रविष्टियों को निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा:

1. प्रथम पुरस्कार- रु. 25,000/-
2. द्वितीय पुरस्कार- रु. 15,000/-
3. तृतीय पुरस्कार – रु. 10,000/-

तीसरे स्थान के लिए तीन प्रविष्टियों का चयन कर प्रत्येक को रु. 10,000/- के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

तकनीकी प्राचल और मूल्यांकन मानदंडों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

कार्य के मॉडरेटर:

मिलिंद देओर
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो
ई-मेल: mdeore@beenet.in

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
903
कुल
634
स्वीकृत
269
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
634 सबमिशन दिखा रहा है
RAJ KUMAR SONI
RAJ KUMAR SONI 11 साल 9 महीने पहले
ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण ऊर्जा मानव समुदाय के हाथो में ही रक्षित है | प्रतिक चिह्न सूचित करता है की उर्जा को संरक्षित करो |
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Aditya Singh Bisht
Aditya Singh Bisht 11 साल 9 महीने पहले
In the logo, two hands are coming close to conserve energy. By the orientation of hands, one can easily make out that the hands belong to two different persons. It was very essential to depict people coming together as it is for an awareness campaign. The negative space between the hands depicts a spark of energy, which is very similar to the logo of BEE (Bureau of Energy EEfficiency). The rays emerging out depicts the glow of energy that is conserved between those two hands.
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