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30 जून, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने सुझाव भेजें

आरंभ करने की तिथि :
Jun 11, 2019
अंतिम तिथि :
Jun 29, 2019
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 54 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

30 जून, 2019 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें।

फिर से कायम कर देना
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rahul mittal
rahul mittal 7 साल 1 महीना पहले
बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिये शिक्षा सिर्फ रटने तक सीमित नही होनी चाहिय ,प्रैक्टिकल नॉलेज भी देनी चाहिये। जैसे लाइफ स्किल सिखानी चाहिये जैसे आपदाओं पर कैसे खुद को और जनता को बचाये ।पानी मे डूबते हुए, जलते हुए, ऑक्सीडेंट हुए ,आदि लोगो को कैसे फर्स्ट एड दे ।
rahul mittal
rahul mittal 7 साल 1 महीना पहले
प्राइवेट स्कूल, टीचर्स को बहुत कम वेतन दे कर टीचर्स का शोषण कर रहे है और वही स्कूली टीचर प्राइवेट कोचिंग दे कर बच्चो का शोषण कर रहे है।स्कूली शिक्षकों को बच्चो से वसूली जा रही फीस के अनुसार ही ही वेतन मिलना चाहिये ।और फिर सभी स्कूली शिक्षकों के प्राइवेट कोचिंग लेने पर भी बैन होना चाहिये ।और ये दंडनीय अपराध होना चाहिये ।
rahul mittal
rahul mittal 7 साल 1 महीना पहले
सरकारी विद्यालयों की दशा सुधारने के लिये कम से कम यह नियम हो कि सरकारी शिक्षकों के बच्चे सिर्फ सरकारी विद्यालयों में पढ़े ।और इन विद्यालयों को सरकारी उच्च शिक्षण संस्थान जैसे iit, iim की तरह ज्यादा से ज्यादा स्वायत्ता मिले ।और फिर सभी जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो ।
Pawan koul
Pawan koul 7 साल 1 महीना पहले
श्रीमान, सादर प्रणाम, अमूमन यह देखने में आ रहा है कि चौराहो एवं मोहल्लों में मांगने वाले लोग जो लोग आते है वों पैसों के अलावा कुछ भी लेने से इंकार कर देते है। और इसके मुख्य कारण हम लोग ही हैं। आपसे निवेदन है, आपकी ओर से देशवासियो को ऐसा सन्देश अग्रेषित हो, जो इस प्रकार भीख या दक्षिणा के रूप में पैसे देने हेतु लोगो को हतोत्साहित करे, जिसका समाज पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। आपका एक एक कदम बहुत ही लंबी सोच का नतीजा होता है। अतीत में लिए गए निर्णयों को देखते हुए यह बात आपको प्रेषित कर रहा हु। धन्यवाद।
HARA KUMAR MISHRA
HARA KUMAR MISHRA 7 साल 1 महीना पहले
There is should be a paper in class x CBSE,ICSEand other state board about life practical oriented education like how to withdraw/deposit money in bank, where to deposit electricity bill online/offline,how to call ambulance,fire service & enged in solve the social/community problem.
Samar K Datta
Samar K Datta 7 साल 1 महीना पहले
My learning from study of water conservation schemes of Modi’s Gujarat: Can we create stake of prospective beneficiaries in most central schemes including MNREGA, where the beneficiaries may be induced to form beneficiary groups to be registered under relevant government Departments as well as local Panchayets and bid for approval of their plan proposals under relevant schemes by offering to bear at least 20% of project cost through either direct payment or manual labor?